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भजन संहिता 50:15 - मुश्किलों में परमेश्वर को पुकारना याद रखेंl

भजन संहिता 50:15, bhajan sahita

"और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊँगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।" (भजन संहिता 50:15)।

आपदाओं के दौरान, केवल यदि हम प्रभु के नए नाम को पुकारते हैं, तभी हमें सुरक्षित रहने का मौका मिल सकता है

यह बाइबल में कहा गया है, "और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊँगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।" (भजन संहिता 50:15)। जैसा कि हम सभी जानते हैं, जब आपदाएं आती हैं, तो प्रभु ही हमारा एकमात्र सहारा होता है। केवल जब हम वास्तव में प्रभु की ओर देखते हैं और उन्हें पुकारते हैं, तो हमें उनकी सुरक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है। अब, जैसे-जैसे आपदाएँ बढ़ रही हैं, कई विश्वासी प्रतिदिन प्रभु से प्रार्थना करते हैं, इस आशा में कि परमेश्वर आपदाओं में उनकी और उनके परिवार की रक्षा करेंगे। हालाँकि, हम कितनी भी प्रार्थना करें, हमें लगता है कि हमें प्रभु की प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है, दिल में बेचैनी महसूस होती है। जब कई विश्वासियों को आपदाओं में मरते हुए देखते हैं, तो हम में से बहुत से लोग भ्रमित महसूस करते हैं: प्रभु हमारी प्रार्थना क्यों नहीं सुनते? क्या हमारी प्रार्थनाएँ प्रभु की इच्छा के अनुरूप नहीं हैं?

दरअसल, प्रभु एक नए नाम के साथ लौटे आएं हैं। उन्होंने मानवजाति को शुद्ध करने और बचाने के लिए, परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले न्याय के कार्य को करने के लिए सत्य व्यक्त किया है। पवित्र आत्मा केवल परमेश्वर के नए नाम का समर्थन करता है। इसलिए, यदि हम अभी भी उनके पिछले नामों से प्रार्थना करते हैं, तो प्रभु हमें और नहीं सुनेंगे। यह ठीक वैसा ही है जैसा कि अनुग्रह के युग में होता था। जब प्रभु यीशु के नाम के साथ छुटकारे का कार्य करने आएं, केवल यदि लोग प्रभु यीशु के नाम से प्रार्थना करते थे, तो उन्हें प्रभु द्वारा सुना जा सकता था, पापों से क्षमा किया जा सकता था, और समृद्ध अनुग्रह और दया प्राप्त की जा सकती थी; यदि वे अब तक यहोवा के नाम से प्रार्थना करते होते, तो वह यहोवा की इच्छा के अनुसार नहीं था। फिर अंत के दिनों में प्रभु का नया नाम क्या है? आइए पहले हम लेख और परमेश्वर के वचनों के कुछ अंश पढ़ें।

यह प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में भविष्यवाणी की गई है, "जो जय पाए, उसे मैं अपने परमेश्‍वर के मन्दिर में एक खम्भा बनाऊँगा; और वह फिर कभी बाहर न निकलेगा; और मैं अपने परमेश्‍वर का नाम, और अपने परमेश्‍वर के नगर अर्थात् नये यरूशलेम का नाम, जो मेरे परमेश्‍वर के पास से स्वर्ग पर से उतरनेवाला है और अपना नया नाम उस पर लिखूँगा" (प्रकाशितवाक्य 3:12)। "प्रभु परमेश्‍वर, जो है, और जो था, और जो आनेवाला है; जो सर्वशक्तिमान है: यह कहता है, 'मैं ही अल्फा और ओमेगा हूँ'" (प्रकाशितवाक्य 1:8)।

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "मैं कभी यहोवा के नाम से जाना जाता था। मुझे मसीहा भी कहा जाता था, और लोग कभी मुझे प्यार और सम्मान से उद्धारकर्ता यीशु भी कहते थे। किंतु आज मैं वह यहोवा या यीशु नहीं हूँ, जिसे लोग बीते समयों में जानते थे; मैं वह परमेश्वर हूँ जो अंत के दिनों में वापस आया है, वह परमेश्वर जो युग का समापन करेगा। मैं स्वयं परमेश्वर हूँ, जो अपने संपूर्ण स्वभाव से परिपूर्ण और अधिकार, आदर और महिमा से भरा, पृथ्वी के छोरों से उदित होता है। लोग कभी मेरे साथ संलग्न नहीं हुए हैं, उन्होंने मुझे कभी जाना नहीं है, और वे मेरे स्वभाव से हमेशा अनभिज्ञ रहे हैं। संसार की रचना के समय से लेकर आज तक एक भी मनुष्य ने मुझे नहीं देखा है। यह वही परमेश्वर है, जो अंत के दिनों के दौरान मनुष्यों पर प्रकट होता है, किंतु मनुष्यों के बीच में छिपा हुआ है। वह सामर्थ्य से भरपूर और अधिकार से लबालब भरा हुआ, दहकते हुए सूर्य और धधकती हुई आग के समान, सच्चे और वास्तविक रूप में, मनुष्यों के बीच निवास करता है। ऐसा एक भी व्यक्ति या चीज़ नहीं है, जिसका मेरे वचनों द्वारा न्याय नहीं किया जाएगा, और ऐसा एक भी व्यक्ति या चीज़ नहीं है, जिसे जलती आग के माध्यम से शुद्ध नहीं किया जाएगा। अंततः मेरे वचनों के कारण सारे राष्ट्र धन्य हो जाएँगे, और मेरे वचनों के कारण टुकड़े-टुकड़े भी कर दिए जाएँगे। इस तरह, अंत के दिनों के दौरान सभी लोग देखेंगे कि मैं ही वह उद्धारकर्ता हूँ जो वापस लौट आया है, और मैं ही वह सर्वशक्तिमान परमेश्वर हूँ जो समस्त मानवजाति को जीतता है। और सभी देखेंगे कि मैं ही एक बार मनुष्य के लिए पाप-बलि था, किंतु अंत के दिनों में मैं सूर्य की ज्वाला भी बन जाता हूँ जो सभी चीज़ों को जला देती है, और साथ ही मैं धार्मिकता का सूर्य भी बन जाता हूँ जो सभी चीज़ों को प्रकट कर देता है। अंत के दिनों में यह मेरा कार्य है। मैंने इस नाम को इसलिए अपनाया और मेरा यह स्वभाव इसलिए है, ताकि सभी लोग देख सकें कि मैं एक धार्मिक परमेश्वर हूँ, दहकता हुआ सूर्य हूँ और धधकती हुई ज्वाला हूँ, और ताकि सभी मेरी, एक सच्चे परमेश्वर की, आराधना कर सकें, और ताकि वे मेरे असली चेहरे को देख सकें : मैं केवल इस्राएलियों का परमेश्वर नहीं हूँ, और मैं केवल छुटकारा दिलाने वाला नहीं हूँ; मैं समस्त आकाश, पृथ्वी और महासागरों के सारे प्राणियों का परमेश्वर हूँ।"

इससे हम समझ सकते हैं कि परमेश्वर का नया नाम सर्वशक्तिमान परमेश्वर है। अब, प्रभु वापस आ गए हैं, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के नाम के साथ वचन व्यक्त किए हैं, और मानवजाति को पूरी तरह से शुद्ध करने के लिए न्याय और ताड़ना का कार्य किया है। केवल जब हम अंत के दिनों के प्रभु के कार्य को स्वीकार करते हैं और सर्वशक्तिमान परमेश्वर के नाम से प्रार्थना करते हैं, तो हम पवित्र आत्मा की प्रबुद्धता और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं और आपदाओं के दौरान सुरक्षा प्राप्त करने और जीवित रहने का मौका प्राप्त कर सकते हैं।

मित्रों, यदि आप अंत के दिनों के प्रभु के कार्य की खोज और जांच और स्वीकार करने के इच्छुक हैं, तो कृपया बेझिझक हमसे Messenger पर संपर्क करें। हमें आपके साथ संवाद करने में खुशी होगी।

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