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आस्था प्रश्न व उत्तर

परमेश्वर के साथ सामान्य संबंध कैसे स्थापित किया जा सकता है

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: परमेश्वर में विश्वास करने में, तुम्हें कम से कम परमेश्वर के साथ एक सामान्य संबंध रखने के मुद्दे का समाधान करना आवश्यक है। यदि परमेश्वर के साथ तुम्हारा सामान्य संबंध न...

उद्धार क्या है?

उद्धार क्या है? अंत के दिनों में मनुष्य का उद्धार कैसे होगा? जवाब पाने के लिए इस लेख को पढ़ें।

पादरी हमसे अक्सर कहते हैं कि हालाँकि आपदा के बाद आपदा टूट पड़ती है, हमें डरना नहीं चाहिए, क्योंकि बाइबल हमें बताती है: "तेरे निकट हज़ार, और तेरी दाहिनी ओर दस हज़ार गिरेंगे; परन्तु वह तेरे पास न आएगा" (भजन संहिता 91:7)। अगर हमें प्रभु पर भरोसा है, और हम प्रार्थना करना, बाइबल पढ़ना और मिलकर सहभागिता करना जारी रखते हैं, तो आपदा हम पर नहीं आएगी। लेकिन कुछ धार्मिक याजक और ईसाई ऐसे भी हैं जो इन आपदाओं में मारे गए हैं। वे सभी बाइबल पढ़ते थे, प्रार्थना करते थे, और प्रभु की सेवा करते थे, तो परमेश्वर ने उनकी रक्षा क्यों नहीं की?

संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे प्रभु!' कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है। उस दिन बहुत से लोग मुझ स...

बुद्धिमान कुँआरियों का इनाम क्या है और मूर्ख कुँआरियाँ आपदा में क्यों गिरेंगी

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: वो सभी धन्य हैं, जो पवित्र आत्मा के वर्तमान प्रकाश का अनुसरण करने में सक्षम हैं। पिछले युगों के लोग भी परमेश्वर के पदचिह्नों पर चलते थे, फिर भी वो आज तक इसका अनुसरण नहीं ...

दुनिया भर में आपदाएँ अक्सर हो रही हैं, और वे पैमाने में बड़ी होती जा रही हैं, अंतिम दिनों के आगमन की अग्र-सूचना देते हुए। बाइबल कहती है, "सब बातों का अन्त तुरन्त होनेवाला है" (1 पतरस 4:7)। हम जानते हैं कि जब अंतिम दिनों में परमेश्वर लौटेगा, तो वे अच्छे को पुरस्कृत तथा बुरे को दंडित करेगा, और लोगों के अंत का निर्धारण करेगा। तो वह कैसे अच्छे को पुरस्कृत और बुरे को दंडित करेगा, और वह लोगों के अंज़ामों को कैसे निर्धारित करेगा?

हिंदी बाइबल अध्ययन: बाइबल में लिखा है, "सब चीजों का अंत निकट है" (1 पतरस 4:7)। लौटकर आए हुए प्रभु कैसे अच्छाई को पुरस्कार और बुराई को दंड देते है और मनुष्य के परिणाम को निर्धारित करते है? अधिक जानने के लिए इस लेख को पढ़ें।

आज आपदाएँ बढ़ती गंभीरता और आवृत्ति के साथ हो रही हैं। ये संकेत बताते हैं कि बाइबल में जिनकी भविष्यवाणी की गई है, अंतिम दिनों की वे महान आपदाएँ शुरू होने वाली हैं। इन आपदाओं के बीच हम कैसे परमेश्वर की सुरक्षा हासिल कर, बचे रह सकते हैं?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: परमेश्वर ने इस संसार की सृष्टि की, उसने इस मानवजाति को बनाया, और इतना ही नहीं, वह प्राचीन यूनानी संस्कृति और मानव-सभ्यता का वास्तुकार भी था। केवल परमेश्वर ही इस मानवजाति को...

प्रभु यीशु ने एक बार कहा था: "क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूँ। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूँ, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा कि जहाँ मैं रहूँ वहाँ तुम भी रहो" (यूहन्ना 14:2-3)। प्रभु यीशु पुनर्जीवित हुए और हमारे लिये एक स्थान तैयार करने स्वर्ग लौटे, इसका अर्थ ये हुआ कि वो स्थान स्वर्ग में है। अगर प्रभु लौट आए हैं, तो उनका आना, हमें स्वर्ग में आरोहित करने के लिये होना चाहिये, पहले हमें प्रभु से मिलवाने, आसमान में ऊपर उठाने के लिये होना चाहिये। अब तुम लोग इस बात की गवाही दे रहे हो कि प्रभु यीशु लौट आये हैं, वे देहधारी हुए हैं, और धरती पर वचन बोलने और कार्य करने में लगे हैं। तो वो हमें स्वर्ग के राज्य में कैसे लेकर जाएंगे? स्वर्ग का राज्य धरती पर है या स्वर्ग में?

उत्तर: जहां तक सवाल ये है कि स्वर्ग का राज्य धरती पर या स्वर्ग में, पहले तो ये समझना ज़रूरी है कि असल में स्वर्ग का राज्य है क्या? ये तो सब जानते हैं कि "स्वर्ग" का मतलब है स्वर्गिक, परमेश्वर से संबंधि...

एक व्यक्ति को अपनी आस्था का अभ्यास कैसे करना चाहिए ताकि वह शैतान की ताकतों से मुक्त हो सके और बचाया जा सके

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: मानवता ने शैतान से भ्रष्ट होने के बाद परमेश्वर के प्राणियों के साथ-साथ अपने धर्मभीरु हृदय भी गँवा दिए, जिससे वह परमेश्वर के प्रति शत्रुतापूर्ण और अवज्ञाकारी हो गया। तब मानव...

बाइबिल के अनुसार, दुनिया के अंत के संकेत दिखाई दिए हैं। हम प्रभु का स्वागत कैसे कर सकते हैं?

बार-बार होने वाली आपदाओं से पता चलता है कि दुनिया के अंत के संकेत दिखाई दिए हैं। महान क्लेश से पहले हम प्रभु का स्वागत कैसे कर सकते हैं? उत्तर खोजने के लिए पढ़ें।

एक विशेष फैलोशिप की मदद से आप यह जान सकोंगे कि कैसे प्रतिकूल चीजों को स्वीकार करें

प्रतिकूल चीजों का सामना करने पर हम अक्सर व्यथित महसूस करते हैं। इस लेख में फेलोशिप आपको यह समझने में मदद करेगी कि कैसे उनका सामना करें और दर्द से बचें।

आज का सुसमाचार - यीशु मसीह के दूसरे आगमन के बारे में जानकारी

आज का सुसमाचार (Today's Gospel Reading in Hindi) प्रभु के दूसरे आगमन, प्रभु का स्वागत करने, पाप से छुटकारा पाने, विश्वास बढ़ाने, अनन्त जीवन, और इसी तरह, के बारे में संसाधन प्रदान करता है, जो आपको आपके आध्यात्मिक भ्रम को हल करने और जल्द ही प्रभु की वापसी का स्वागत करने में मदद करेगा।

यीशु मसीह के "पूरा हुआ" कहने का असल अर्थ क्या है?

क्या यीशु मसीह का "पूरा हुआ" कहने का वास्तव में यह मतलब था कि परमेश्वर का काम पूर्णत: समाप्त हो गया था? पूरा हुआ का सही अर्थ जानने के लिए पड़े।

यह क्यों कहा जाता है कि भ्रष्ट मानवजाति को देहधारी परमेश्वर के उद्धार की अधिक आवश्यकता है

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर द्वारा मनुष्य को सीधे पवित्रात्मा की पद्धति और पवित्रात्मा की पहचान का उपयोग करके नहीं बचाया जाता, क्योंकि उसके पवित्रात्मा को मनुष्य द्वारा न तो छुआ जा सकता है...

देहधारी परमेश्वर के कार्य और आत्मा के कार्य के बीच अंतर

संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "मूसा ने कहा, 'मुझे अपना तेज दिखा दे।' उसने कहा, 'मैं तेरे सम्मुख होकर चलते हुए तुझे अपनी सारी भलाई दिखाऊँगा, और तेरे सम्मुख यहोवा नाम का प्रचार करूँगा; और जिस पर मैं अनुग्...

अंत के दिनों में अपना न्याय का कार्य करने के लिए परमेश्वर मनुष्य का उपयोग क्यों नहीं करता, बल्कि देहधारण कर उसे स्वयं क्यों करता है

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: न्याय का कार्य परमेश्वर का अपना कार्य है, इसलिए स्वाभाविक रूप से इसे परमेश्वर द्वारा ही किया जाना चाहिए; उसकी जगह इसे मनुष्य द्वारा नहीं किया जा सकता। चूँकि न्याय सत्य के म...

हमें परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप क्रिसमस के प्रति कैसा दृष्टिकोण रखना चाहिए?

क्रिसमस का आरम्भ हर साल, जैसे जैसे क्रिसमस करीब आता है, सड़क पर दुकानें सांता क्लॉस और क्रिसमस ट्री के साथ क्रिसमस उपहारों के चमकदार प्रदर्शनी की व्यवस्था करती हैं। पेड़ों और इमारतों पर कई रंगीन रोश...

मैंने सुना कि आप लोगों ने इस बात का प्रमाण दिया है कि देहधारी सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने लाखों वचन कहे हैं और परमेश्वर के घर से शुरू करते हुए अपना न्याय का कार्य पूरा किया है। लेकिन यह साफ़ तौर पर बाइबल से आगे निकल जाता है। इसका कारण यह है कि पादरी और नेतागण अक्सर हमसे कहा करते थे कि परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में दर्ज हैं। परमेश्वर का कोई भी वचन और कार्य बाइबल से बाहर नहीं है। प्रभु यीशु का उद्धार कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। अंत में दिनों में प्रभु की वापसी विश्वासियों को सीधे स्वर्ग के राज्य में ले जाने के लिए होगी। इस प्रकार, हमेशा से हमारा यह मानना रहा है प्रभु में विश्वास बाइबल के आधार पर होना चाहिए। जब तक हम बाइबल की बातों पर कायम रहते हैं, हम स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने और शाश्‍वत जीवन पाने में सफल होंगे। बाइबल से दूर जाना प्रभु के रास्ते को छोड़ देना है। यह उनका विरोध करना और उनको धोखा देना है। सभी धार्मिक पादरी और एल्डर्स ऐसा ही सोचते हैं। इसमें गलत क्या हो सकता है?

उत्तर: धर्म में, वे सभी लोग जो प्रभु पर विश्वास करते हैं, उनका मानना है कि परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में निहित हैं। बाइबल में परमेश्वर का उद्धार कार्य पूर्ण हो चुका है, और परमेश्वर का कोई भी ...