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Hindi Christian Movie "परमेश्वर में आस्था 2 – कलीसिया के गिरने के बाद" अंश 1 : "अपने सताने वालों के लिए प्रार्थना करो" कथन से प्रभु का क्‍या अर्थ था?

8,618 20/12/2019

जब से चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी सत्ता में आई है, तब से यह लगातार ईसाई धर्म और कैथोलिक धर्म को मानने वाले लोगों का दमन कर रही है और उन्हें यातनाएँ दे रही है। इसकी मंशा चीन से तमाम धार्मिक आस्थाओं का पूरी तरह से उन्मूलन करके, इसे नास्तिकता का गढ़ बना देना है। ख़ास तौर से जब से शी जिनपिंग राष्ट्रपति बना है, तब से तो आस्था पर आक्रमण अपने चरम पर पहुँच गये हैं। यहाँ तक कि आधिकारिक तौर पर स्वीकृत थ्री-सेल्फ़ कलीसिया को भी ध्वस्त किया जा रहा है, क्रूस उखाड़ फेंके जा रहे हैं। थ्री-सेल्‍फ चर्च जिसमें शेन सोंगेन ने भाग लिया था, वह भी सीसीपी के अत्‍याचार से पीड़ित हुआ और जब उसे नष्‍ट किया गया तो एक ईसाई को लगभग ज़िंदा उसमें गाड़ दिया गया। हालांकि, कलीसिया में कुछ लोग, अपने पादरियों और एल्डरों की बातों को सुनने के बाद, सीसीपी शासन के लिये दुआएँ करते हैं। उनका मानना है कि ऐसा करके, वे प्रभु यीशु के इन वचनों का पालन कर रहे हैं, "अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सतानेवालों के लिए प्रार्थना करो" (मत्ती 5:44)। (© BSI) लेकिन, बहुत से विश्वासी उलझन में पड़ जाते हैं, क्योंकि सीसीपी के लिये बरसों आशीषों की प्रार्थना करने के बावजूद, सीसीपी न केवल प्रायश्चित करने में नाकाम रही, बल्कि उसने तो कलीसिया को ही ढहा दिया। वे सोचते हैं: क्या सीसीपी के लिये प्रार्थना करना सचमुच परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप है? प्रभु यीशु के इस कथन का "अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सतानेवालों के लिए प्रार्थना करो" वास्‍तव में अर्थ क्‍या था?

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