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"राज्य गान: राज्य जगत में अवतरित होता है" झलकियाँ 3 : आपदा के पश्‍चात् एक नया स्‍वर्ग और नई पृथ्‍वी

2,926 24/12/2019

जोशीला राज्य-गान गूँज चुका है, जो पूरी कायनात में लोगों के मध्य परमेश्वर के आगमन का ऐलान कर रहा है! परमेश्वर का राज्य आ चुका है! सभी लोग प्रसन्न हैं, हर चीज़ आनंदित है! पूरे स्वर्ग में हर चीज़ उमंग में है। उल्लास के ये कौन से मोहक दृश्य हैं?

इंसानों के मध्य, जो कष्ट में जीता है और जिसने हज़ारों साल तक शैतान की भ्रष्टता को झेला है, उसमें से परमेश्वर के आगमन की लालसा, परमेश्वर के आगमन की तड़प, किसके अंदर नहीं है? समस्त युगों में, शैतान के प्रभाव में, परमेश्वर के कितने विश्वासियों और अनुयायियों ने कष्ट, मुसीबतें, उत्पीड़न और अलगाव को सहा है? किसे आशा नहीं है कि परमेश्वर के राज्य का आगमन शीघ्र होगा? मानवता के सुख-दुख का स्वाद लेकर, इंसानों में ऐसा कौन है जो नहीं चाहता कि इंसानों के बीच सत्य और धार्मिकता की सत्ता कायम हो?

जब परमेश्वर का राज्य आएगा, तो अंतत: सभी राष्ट्रों और लोगों द्वारा चिर-प्रतीक्षित दिवस का आगमन होगा! ऐसे समय में, धरती और स्वर्ग में सभी चीज़ों के मध्य कैसा दृश्य होगा? राज्य में जीवन कितना सुंदर होगा? "राज्य गान: राज्य जगत में अवतरित होता है," के साथ सहस्राब्दी की प्रार्थना साकार होगी!

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