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10 जून, 2021 को प्रकट होने वाला वलयाकार सूर्य ग्रहण: बाइबल की भविष्यवाणी को पूरा करना

26 मई को सुपर ब्लड मून के बाद, एक और खगोलीय घटना - वलयाकार सूर्य ग्रहण - 10 जून को होगी। बाइबल के कई विद्वान सोचते हैं कि ब्लड मून और सूर्य ग्रहण का प्रकट होना बाइबल की भविष्यवाणी को पूरा करता है और यह दर्शाता है कि परमेश्वर का महान और भयानक दिन निकट है। यानी बड़ी आपदाएं आने वाली हैं। तो आइए नजर डालते हैं दुनिया के मौजूदा हालात पर। महामारी का सामना करते हुए कुछ स्थान अन्य आपदाओं की चपेट में भी आ रहे हैं। उदाहरण के लिए, एक चक्रवात भारत को झकझोर देता है; इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष छिड़ गया; मेक्सिको व्यापक सूखे का सामना कर रहा है; कोलंबिया में अशांति; कांगो में ज्वालामुखी फट गया।... इसके अलावा, भूकंप, बाढ़, आग और अन्य आपदाएं बढ़ रही हैं; दुनिया एक परिवर्तनशील और अशांत स्थिति में है, और युद्ध, हिंसक कृत्य और आतंकवादी हमले अक्सर होते रहते हैं और बढ़ते रहते हैं। ये चिन्ह बाइबल की कौन-सी भविष्यवाणियाँ पूरी करते हैं? इन बातों के द्वारा परमेश्वर हमें किस बारे में चेतावनी दे रहा है? निम्नलिखित बाइबल छंदों और परमेश्वर के वचनों में उत्तर हैं।

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संदर्भ के लिए बाइबल के पद

"तुम्हारे दास और दासियों पर भी मैं उन दिनों में अपना आत्मा उण्डेलूँगा। और मैं आकाश में और पृथ्वी पर चमत्कार, अर्थात् लहू और आग और धुएँ के खम्भे दिखाऊँगा यहोवा के उस बड़े और भयानक दिन के आने से पहले सूर्य अंधियारा होगा और चन्द्रमा रक्त सा हो जाएगा" (योएल 2:29-31)

"जब उसने छठवीं मुहर खोली, तो मैंने देखा कि एक बड़ा भूकम्प हुआ; और सूर्य कम्बल के समान काला, और पूरा चन्द्रमा लहू के समान हो गया" (प्रकाशितवाक्य 6 :12)

"जाति पर जाति और राज्य पर राज्य चढ़ाई करेगा। और बड़े-बड़े भूकम्प होंगे, और जगह-जगह अकाल और महामारियाँ पड़ेंगी, और आकाश में भयंकर बातें और बड़े-बड़े चिन्ह प्रगट होंगे" (लूका 21:10 -11)

"क्योंकि जाति पर जाति, और राज्य पर राज्य चढ़ाई करेगा, और जगह-जगह अकाल पड़ेंगे, और भूकम्प होंगे। ये सब बातें पीड़ाओं का आरम्भ होंगी" (मत्ती 24:7-8)

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन

अंत के दिनों के बारे में बात करना एक पृथक् युग को संदर्भित करता है, वह युग जिसमें यीशु ने कहा था कि तुम लोग अवश्य ही आपदा का सामना करोगे, और भूकंपों, अकालों और महामारियों का सामना करोगे, जो यह दर्शाएँगे कि यह एक नया युग है, और अब अनुग्रह का युग नहीं है।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'परमेश्वर के कार्य का दर्शन (3)' से उद्धृत

अंत के दिन आ चुके हैं और विश्व भर के देशों में उथल-पुथल है। राजनीतिक अव्यवस्था है, सब जगह अकाल, महामारियाँ, बाढ़ें और सूखे दिखाई पड़ रहे हैं। मानव के संसार में महाविपत्ति है; स्वर्ग ने भी आपदा नीचे भेज दी है। ये अंत के दिनों के चिह्न हैं।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'अभ्यास (2)' से उद्धृत

अपनी आँखें खोलो और देखो, और तुम हर जगह मेरे महान सामर्थ्य को देख सकते हो! तुम हर जगह मेरे बारे में निश्चित हो सकते हो। ब्रह्मांड और गगन-मंडल मेरे महान सामर्थ्य को फैला रहे हैं। मैंने जो वचन बोले हैं, वे मौसम के गर्म होने, जलवायु-परिवर्तन, लोगों के भीतर की विसंगतियों, सामाजिक गतिशीलता के विकार और लोगों के हृदयों के भीतर के छल में सच हो गए हैं। सूरज सफेद हो जाता है और चंद्रमा लाल हो जाता है; यह सब संतुलन से बाहर है। क्या तुम लोग सचमुच अभी भी इन्हें नहीं देखते?

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'आरंभ में मसीह के कथन' के 'अध्याय 39' से उद्धृत

एक के बाद एक सभी तरह की आपदाएँ आ पड़ेंगी; सभी राष्ट्र और स्थान आपदाओं का सामना करेंगे : हर जगह महामारी, अकाल, बाढ़, सूखा और भूकंप आएँगे। ये आपदाएँ सिर्फ एक-दो जगहों पर ही नहीं आएँगी, न ही वे एक-दो दिनों में समाप्त होंगी, बल्कि इसके बजाय वे बड़े से बड़े क्षेत्र तक फैल जाएँगी, और अधिकाधिक गंभीर होती जाएँगी। इस दौरान, एक के बाद एक सभी प्रकार की कीट-जनित महामारियाँ उत्पन्न होंगी, और हर जगह नरभक्षण की घटनाएँ होंगी। सभी राष्ट्रों और लोगों पर यह मेरा न्याय है।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'आरंभ में मसीह के कथन' के 'अध्याय 65' से उद्धृत

जब परमेश्वर अपने महान कोप को बंधन से मुक्त करेगा, तो परिणामस्वरूप, पूरी दुनिया, ज्वालामुखी के फटने की तरह, सभी प्रकार की आपदाओं का अनुभव करेगी। आकाश में ऊपर खड़े हो कर, यह देखा जा सकता है कि पृथ्वी पर सभी प्रकार की आपदाएँ, दिन प्रति दिन मानवजाति को घेर रही हैं। ऊपर से नीचे देखने पर, पृथ्वी भूकंप से पहले के विभिन्न दृश्यों को प्रदर्शित करती है। तरल अग्नि अनियंत्रित बहती है, लावा बेरोकटोक बहता है, पहाड़ सरकते हैं, और हर जगह उदासीन प्रकाश चमकता है। पूरी दुनिया आग में डूब गई है। यह परमेश्वर के कोप के उत्सर्जन का दृश्य है, और यह उसके न्याय का समय है। वे सभी जो मांस और रक्त वाले हैं भागने में असमर्थ होंगे। इस प्रकार, पूरी दुनिया को नष्ट करने के लिए देशों के बीच युद्ध और लोगों के बीच संघर्ष की आवश्यकता नहीं होगी; इसके बजाय दुनिया परमेश्वर की ताड़ना के पालने में "स्वयं का होशहवास में आनंद" लेगी। कोई भी बच निकलने में सक्षम नहीं होगा; हर एक व्यक्ति को, एक के बाद एक, इस कठिन परीक्षा से गुजरना होगा। इसके बाद संपूर्ण ब्रह्माण्ड एक बार पुनः पवित्र कांति से जगमगाएगा और समस्त मानवजाति एक बार पुनः एक नया जीवन शुरू करेगी। और परमेश्वर ब्रह्मांड के ऊपर आराम करेगा और हर दिन मानवजाति को आशीष देगा।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचनों के रहस्य की व्याख्या' के 'अध्याय 18' से उद्धृत

किन्तु जब तक पुराने संसार का अस्तित्व बना रहता है, मैं अपना प्रचण्ड रोष इसके राष्ट्रों के ऊपर पूरी ज़ोर से बरसाऊंगा, समूचे ब्रह्माण्ड में खुलेआम अपनी प्रशासनिक आज्ञाएँ लागू करूँगा, और जो कोई उनका उल्लंघन करेगा, उनको ताड़ना दूँगा:

जैसे ही मैं बोलने के लिए ब्रह्माण्ड की तरफ अपना चेहरा घुमाता हूँ, सारी मानवजाति मेरी आवाज़ सुनती है, और उसके उपरांत उन सभी कार्यों को देखती है जिन्हें मैंने समूचे ब्रह्माण्ड में गढ़ा है। वे जो मेरी इच्छा के विरूद्ध खड़े होते हैं, अर्थात् जो मनुष्य के कर्मों से मेरा विरोध करते हैं, वे मेरी ताड़ना के अधीन आएँगे। मैं स्वर्ग के असंख्य तारों को लूँगा और उन्हें फिर से नया कर दूँगा, और, मेरी बदौलत, सूर्य और चन्द्रमा नये हो जाएँगे—आकाश अब और वैसा नहीं रहेगा जैसा वह था और पृथ्वी पर बेशुमार चीज़ों को फिर से नया बना दिया जाएगा। मेरे वचनों के माध्यम से सभी पूर्ण हो जाएँगे। ब्रह्माण्ड के भीतर अनेक राष्ट्रों को नए सिरे से बाँटा जाएगा और उनका स्थान मेरा राज्य लेगा, जिससे पृथ्वी पर विद्यमान राष्ट्र हमेशा के लिए विलुप्त हो जाएँगे और एक राज्य बन जाएँगे जो मेरी आराधना करता है; पृथ्वी के सभी राष्ट्रों को नष्ट कर दिया जाएगा और उनका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। ब्रह्माण्ड के भीतर मनुष्यों में से उन सभी का, जो शैतान से संबंध रखते हैं, सर्वनाश कर दिया जाएगा, और वे सभी जो शैतान की आराधना करते हैं उन्हें मेरी जलती हुई आग के द्वारा धराशायी कर दिया जायेगा—अर्थात उनको छोड़कर जो अभी धारा के अन्तर्गत हैं, शेष सभी को राख में बदल दिया जाएगा। जब मैं बहुत-से लोगों को ताड़ना देता हूँ, तो वे जो धार्मिक संसार में हैं, मेरे कार्यों के द्वारा जीते जाने के उपरांत, भिन्न-भिन्न अंशों में, मेरे राज्य में लौट आएँगे, क्योंकि उन्होंने एक श्वेत बादल पर सवार पवित्र जन के आगमन को देख लिया होगा। सभी लोगों को उनकी किस्म के अनुसार अलग-अलग किया जाएगा, और वे अपने-अपने कार्यों के अनुरूप ताड़नाएँ प्राप्त करेंगे। वे सब जो मेरे विरुद्ध खड़े हुए हैं, नष्ट हो जाएँगे; जहाँ तक उनकी बात है, जिन्होंने पृथ्वी पर अपने कर्मों में मुझे शामिल नहीं किया है, उन्होंने जिस तरह अपने आपको दोषमुक्त किया है, उसके कारण वे पृथ्वी पर मेरे पुत्रों और मेरे लोगों के शासन के अधीन निरन्तर अस्तित्व में बने रहेंगे। मैं अपने आपको असंख्य लोगों और असंख्य राष्ट्रों के सामने प्रकट करूँगा, और अपनी वाणी से, पृथ्वी पर ज़ोर-ज़ोर से और ऊंचे तथा स्पष्ट स्वर में, अपने महा कार्य के पूरे होने की उद्घोषणा करूँगा, ताकि समस्त मानवजाति अपनी आँखों से देखे।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचन' के 'अध्याय 26' से उद्धृत

दो हजार वर्ष पहले, प्रभु यीशु ने कहा था, "मैं शीघ्र आनेवाला हूँ" (प्रकाशितवाक्य 22:7)। अब, प्रभु वापस आ गया है और वह सत्य व्यक्त कर रहा है और मानवजाति को शुद्ध करने और बचाने का अपना कार्य कर रहा है, ताकि लोग भर्षत्ता से मुक्त हो सके और शुद्ध हो सकें और इस तरह आपदाओं से बच पाए और परमेश्वर के राज्य में लाए जा सके। हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम परमेश्वर के नक्षेकदमो को खोजे और प्रभु का स्वागत करें क्योंकि केवल इस तरह से ही हमें महान आपदाओं में परमेश्वर की सुरक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है।

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