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परमेश्वर के उद्धार के बारे में बाइबल की 20 आयतें: अंत के दिनों में परमेश्वर का उद्धार कैसे पाएं

परमेश्वर का उद्धार मानवजाति को बचाने के उनके कार्य को संदर्भित करता है। व्यवस्था के युग में, परमेश्वर ने नियम और आज्ञाएँ जारी कीं, जो लोगों को अपने जीवन का नेतृत्व करने के लिए मार्गदर्शन देते हैं, जिससे उन्हें पता चल सके कि पाप क्या है। अनुग्रह के युग में, परमेश्वर ने मनुष्य के पापों को क्षमा करते हुए छुटकारे का कार्य किया। प्रभु में विश्वास करने के बाद, हमारा पाप क्षमा कर दिया गया था, लेकिन हम लगातार झूठ बोलते हैं, धोखा देते हैं, कुटिल और धोखेबाज होते हैं, और अहंकारी होते हैं। हम पाप में जीते हैं जिससे हम खुद को मुक्त नहीं कर सकते। इससे पता चलता है कि हम पूरी तरह से नहीं बचाए गए हैं। इसलिए, अंत के दिनों में, परमेश्वर ने उन लोगों के लिए उद्धार तैयार किया है जो मनुष्य को पाप से पूरी तरह से शुद्ध होने के लिए उसकी प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि हमें शुद्ध बनाया जा सके, पूरी तरह से बचाया जा सके, और परमेश्वर के राज्य में लाया जा सके। तो, अंत के दिनों में उद्धार क्या है? हम इसे कैसे प्राप्त कर सकते हैं? बाइबल की ये आयतें और परमेश्वर के प्रासंगिक वचन आपको जवाब बताएंगे। कृपया उन्हें पढ़ने का आनंद लें।

परमेश्वर के उद्धार के बारे में बाइबल की 20 आयतें: अंत के दिनों में परमेश्वर का उद्धार कैसे पाएं

उद्धार से संबंधित

"उसने जो मुझसे स्नेह किया है, इसलिए मैं उसको छुड़ाऊँगा; मैं उसको ऊँचे स्थान पर रखूँगा, क्योंकि उसने मेरे नाम को जान लिया है। जब वह मुझ को पुकारे, तब मैं उसकी सुनूँगा; संकट में मैं उसके संग रहूँगा, मैं उसको बचाकर उसकी महिमा बढ़ाऊँगा। मैं उसको दीर्घायु से तृप्त करूँगा, और अपने किए हुए उद्धार का दर्शन दिखाऊँगा" (भजन संहिता 91:14-16)।

"यहोवा के लिये एक नया गीत गाओ, क्योंकि उसने आश्चर्यकर्मों किए है! उसके दाहिने हाथ और पवित्र भुजा ने उसके लिये उद्धार किया है! यहोवा ने अपना किया हुआ उद्धार प्रकाशित किया, उसने अन्यजातियों की दृष्टि में अपना धर्म प्रगट किया है। उसने इस्राएल के घराने पर की अपनी करुणा और सच्चाई की सुधि ली, और पृथ्वी के सब दूर-दूर देशों ने हमारे परमेश्‍वर का किया हुआ उद्धार देखा है" (भजन संहिता 98:1-3)।

"सचमुच मैं चुपचाप होकर परमेश्‍वर की ओर मन लगाए हूँ मेरा उद्धार उसी से होता है" (भजन संहिता 62:1)।

"परमेश्‍वर मेरा उद्धार है, मैं भरोसा रखूँगा और न थरथराऊँगा; क्योंकि प्रभु यहोवा मेरा बल और मेरे भजन का विषय है, और वह मेरा उद्धारकर्ता हो गया है" (यशायाह 12:2)।

"तब यीशु ने उससे कहा, 'आज इस घर में उद्धार आया है, इसलिए कि यह भी अब्राहम का एक पुत्र है। क्योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूँढ़ने और उनका उद्धार करने आया है'" (लूका 19:9-10)।

"मैं अपनी धार्मिकता को समीप ले आने पर हूँ वह दूर नहीं है, और मेरे उद्धार करने में विलम्ब न होगा; मैं सिय्योन का उद्धार करूँगा और इस्राएल को महिमा दूँगा" (यशायाह 46:13)।

"उससे तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास करके ऐसे आनन्दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है, और अपने विश्वास का प्रतिफल अर्थात् आत्माओं का उद्धार प्राप्त करते हो" (1 पतरस 1:8-9)।

अंत दिनों में परमेश्वर ने हमारे लिए जो उद्धार तैयार किया है

"जिनकी रक्षा परमेश्‍वर की सामर्थ्य से, विश्वास के द्वारा उस उद्धार के लिये, जो आनेवाले समय में प्रगट होनेवाली है, की जाती है" (1 पतरस 1:5)।

"वैसे ही मसीह भी बहुतों के पापों को उठा लेने के लिये एक बार बलिदान हुआ और जो लोग उसकी प्रतीक्षा करते हैं, उनके उद्धार के लिये दूसरी बार बिना पाप के दिखाई देगा" (इब्रानियों 9:28)।

"इस कारण अपनी-अपनी बुद्धि की कमर बाँधकर, और सचेत रहकर उस अनुग्रह की पूरी आशा रखो, जो यीशु मसीह के प्रगट होने के समय तुम्हें मिलनेवाला है" (1 पतरस 1:13)।

"मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते। परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा" (यूहन्ना 16:12-13)।

"क्योंकि वह समय आ पहुँचा है, कि पहले परमेश्‍वर के लोगों का न्याय किया जाए" (1 पतरस 4:17)।

अंत के दिनों में परमेश्वर के उद्धार को कैसे प्राप्त करें

"धन्य हैं वे, जो मन के दीन हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है" (मत्ती 5:3)।

"धन्य हैं वे, जो धार्मिकता के भूखे और प्यासे हैं, क्योंकि वे तृप्त किये जाएँगे" (मत्ती 5:6)।

"जो मुझसे, 'हे प्रभु, हे प्रभु' कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है" (मत्ती 7:21)।

"आधी रात को धूम मची, कि देखो, दूल्हा आ रहा है, उससे भेंट करने के लिये चलो" (मत्ती 25:6)।

"मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूँ, और वे मेरे पीछे-पीछे चलती हैं। और मैं उन्हें अनन्त जीवन देता हूँ, और वे कभी नाश नहीं होंगी, और कोई उन्हें मेरे हाथ से छीन न लेगा" (यूहन्ना 10:27-28)।

"देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा, और वह मेरे साथ" (प्रकाशितवाक्य 3:20)।

"जिसके कान हों, वह सुन ले कि पवित्र आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है" (प्रकाशितवाक्य 2:7)।

"ये वे हैं, जो स्त्रियों के साथ अशुद्ध नहीं हुए, पर कुँवारे हैं; ये वे ही हैं, कि जहाँ कहीं मेम्‍ना जाता है, वे उसके पीछे हो लेते हैं; ये तो परमेश्‍वर और मेम्‍ने के निमित्त पहले फल होने के लिये मनुष्यों में से मोल लिए गए हैं। और उनके मुँह से कभी झूठ न निकला था, वे निर्दोष हैं" (प्रकाशितवाक्य 14:4-5)।

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