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संकट के समय बाइबल के वचन अवश्य पढ़ें: आपकी आस्था और शक्ति को बढ़ाने के लिए

जब हम जीवन में कठिनाई और मुश्किलों का सामना करते हैं, तो कभी-कभी हम नकरात्मक और कमज़ोर हो जाते हैं और परमेश्वर में आस्था खो देते हैं। हालाँकि, हमें यह विश्वास होना चाहिए कि मनुष्य की शक्ति और आस्था परमेश्वर से आती है और अगर हम परमेश्वर पा भरोसा करते हैं, तो हमारे पास सभी कठिनाइयों और मुश्किलों का सामना करने की शक्ति होगी। शक्ति के बारे में बाइबल के ये 10 पद पढ़ें हमारी आस्था और ताकत को मजबूत कर सकते हैं और परमेश्वर के नज़दीक ले जा सकते हैं।

मुश्किल समयों में आपकी आस्था मजबूत करने

"परमेश्‍वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायक" (भजन संहिता 46:1)।

"परमेश्‍वर मेरा बल और भजन का विषय है; वह मेरा उद्धार ठहरा है" (भजन संहिता 118:14)।

"जो मुझे सामर्थ्य देता है उसमें मैं सब कुछ कर सकता हूँ" (फिलिप्पियों 4:13)।

"परमेश्‍वर मेरा उद्धार है, मैं भरोसा रखूँगा और न थरथराऊँगा; क्योंकि प्रभु यहोवा मेरा बल और मेरे भजन का विषय है, और वह मेरा उद्धारकर्ता हो गया है" (यशायाह 12:2)।

"हे यहोवा, हम लोगों पर अनुग्रह कर; हम तेरी ही बाट जोहते हैं। भोर को तू उनका भुजबल, संकट के समय हमारा उद्धारकर्ता ठहर" (यशायाह 33:2)।

"वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ्य देता है" (यशायाह 40:29)।

"परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएँगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे" (यशायाह 40:31)।

"कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्व में सामर्थ्य पा कर बलवन्त होते जाओ" (इफिसियों 3:16)।

"इसलिए प्रभु में और उसकी शक्ति के प्रभाव में बलवन्त बनो" (इफिसियों 6:10)।

"जरुब्बाबेल के लिये यहोवा का यह वचन है: न तो बल से, और न शक्ति से, परन्तु मेरे आत्मा के द्वारा होगा, मुझ सेनाओं के यहोवा का यही वचन है" (जकर्याह 4:6)।

विषय के अनुसार बाइबल के पद” और “बाइबल अध्ययन” खंडों में दैनिक भक्ति संसाधनों का उपयोग करने के लिए आपका स्वागत है, ये आपके आध्यात्मिक जीवन को समृद्ध कर सकते हैं।

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