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आत्मिक जीवन

एक ईसाई की आपबीती: रोजगार की तलाश का एक अनूठा अनुभव

वह विदेश में है। वह कोई विदेशी भाषा नहीं बोलती है और उसे कोई काम का अनुभव नहीं है। तो वह नौकरी कैसे पाती है? कुछ अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के लिए उसके अनुभवों को पढ़ें।

आपदाओ के बीच हम परमेश्वर के प्रकटन को कैसे खोज सकते है?

गहराई से बाइबल का अध्ययन: आपको प्रभु की वापसी के 2 तरीके सीखने और उन्हें स्वागत करने का तरीका खोजने के लिए प्रेरित करेगा।

स्वर्ग का राज्य बहुत निकट है; हम सच्चा पश्चाताप कैसे प्राप्त कर सकते हैं?

हाल ही के वर्षों में, आपदाएँ ज्यादा से ज्यादा भयंकर हो रही हैं, जैसे कि भूकंप, महामारियाँ, आगजनी, बाढ़ इत्यादि। कई लोगों ने महसूस किया है कि लगातार आने वाली आपदाएँ प्रभु के लौटने के संकेत हैं, और प्रभु...

बाइबल संदेश: "उस दिन और उस घड़ी के विषय में कोई नहीं जानता" का सही अर्थ

वास्तव में "उस दिन और उस घड़ी के विषय में कोई नहीं जानता" का अर्थ क्या है? क्या इसका मतलब है कि किसी को पता नहीं चलेगा कि परमेश्वर कब आए हैं? बाइबल के संदेश में जवाब हैं।

एक दुर्घटना के बाद जागृति: इकट्ठा होना ओर सगती करना बहुत महत्वपूर्ण है

जिंगुवु, संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा संपादक की टिप्पणी कई भाई-बहन, जो सिर्फ परमेश्वर में विश्वास करते हैं, समय पर बैठकों में भाग लेने में विफल रहते हैं और अक्सर इस बहाने से खुद को भोगते हैं कि ...

4 पहलुओं से परमेश्वर की कृपा को जानना

परमेश्वर की कृपा क्या है? क्या केवल भौतिक आशीर्वाद ही परमेश्वर की कृपा है? अधिक जानने के लिए यह लेख पढ़ें।

एक ईसाई के रूप में, क्या आप जानते हैं कि परमेश्वर से प्रार्थना कैसे करें?

प्रार्थना करने के माध्यम से, ईसाई परमेश्वर को पुकार सकते हैं और परमेश्वर के साथ एक सामान्य संबंध स्थापित कर सकते हैं। तो क्या आप जानते हैं कि परमेश्वर से प्रार्थना कैसे करें? अधिक के लिये यह लेख पढ़ें।

क्यों उपवास और प्रार्थना चर्च में वीरानी के मुद्दे को हल नहीं कर सकते

चर्च की वीरानी का सामना करते हुए, कई लोग उपवास प्रार्थना करते हैं, लेकिन यह समस्या अभी भी क्यों मौजूद है? हम वीरानी का कैसे हल कर सकते हैं? इस लेख में उत्तर हैं।

एक विशेष फैलोशिप की मदद से आप यह जान सकोंगे कि कैसे प्रतिकूल चीजों को स्वीकार करें

प्रतिकूल चीजों का सामना करने पर हम अक्सर व्यथित महसूस करते हैं। इस लेख में फेलोशिप आपको यह समझने में मदद करेगी कि कैसे उनका सामना करें और दर्द से बचें।

आत्मा और सच्चाई में परमेश्वर की आराधना कैसे करें

क्या प्रार्थना करना, बाइबल पढ़ना और भजन गाने का मतलब आत्मा और सच्चाई में परमेश्वर की पूजा करना है? कैसे मसीहियों को आत्मा और सच्चाई में परमेश्वर की आराधना करनी चाहिए? अधिक जानने के लिए इस लेख को पढ़ें।

परमेश्वर पीड़ा क्यों देते हैं? अपने जीवन के लिए परमेश्वर की इच्छा को जानें।

परमेश्वर हम पर पीड़आ आने की अनुमति क्यों देता है? आज का बाइबल पाठ आपको अपने जीवन के लिए परमेश्वर की इच्छा को जानने और परमेश्वर की कृपा के बारे में जानने में मदद करेगा। अभी पढ़ो।

परमेश्वर के समक्ष अपने हृदय को शांत रखने के बारे में

परमेश्वर के वचनों में प्रवेश करने के लिए परमेश्वर के समक्ष अपने हृदय को शांत रखने से अधिक महत्वपूर्ण कदम कोई नहीं है। यह वह सबक है, जिसमें वर्तमान में सभी लोगों को प्रवेश करने की तत्काल आवश्यकता है। प...

परीक्षण—परमेश्वर से मिलने वाली भिन्न प्रकार की आशीष-ईसाईयों के लिए आवश्यक पठन

ईसाई होने के नाते हममें से कोई भी परीक्षण से अनजान नहीं है। बाइबल में लिखा है, "उस तिहाई को मैं आग में डालकर ऐसा निर्मल करूँगा, जैसा रूपा निर्मल किया जाता है, और ऐसा जाँचूँगा जैसा सोना जाँचा जाता है। ...

परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करने वाला व्यक्ति कैसा होता है, और परमेश्वर में विश्वास की सच्ची गवाही क्या है

प्रभु यीशु ने कहा कि जो लोग परमेश्वर की इच्छा का पालन करते हैं वे स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं। तो परमेश्वर की इच्छा का पालन करने वाला व्यक्ति क्या है? और जानने के लिए पढ़ें।

परमेश्वर के साथ व्यक्ति सामान्य संबंध कैसे स्थापित कर सकता है?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: लोग अपने हृदय से परमेश्वर की आत्मा को स्पर्श करके परमेश्वर पर विश्वास करते हैं, उससे प्रेम करते हैं और उसे संतुष्ट करते हैं, और इस प्रकार वे परमेश्वर की संतुष्टि प्रा...

इन चार बातों को समझने से, परमेश्वर के साथ हमारा रिश्ता और भी क़रीबी हो जाएगा

बाइबल कहती है, "परमेश्‍वर के निकट आओ तो वह भी तुम्हारे निकट आएगा" (याकूब 4:8)। ईसाई होने के नाते, केवल परमेश्वर के क़रीब आने और परमेश्वर के साथ वास्तविक बातचीत करने से ही हम परमेश्वर के साथ एक सामान्य ...

ईसाई जीवन: जो प्रभु की मंशा के अनुरूप दूसरों के साथ आपसी संवाद करने का तरीका सिखाते हैं

पारस्परिक संबंध एक ऐसा विषय है जो कई लोगों के सिर में दर्द पैदा कर देता है। यह एक ऐसा विषय भी है जिसका अक्सर ईसाई के रूप में एक व्यक्ति पूरे जीवन भर सामना करता है। प्रभु यीशु की अपेक्षा है कि हम एक-दू...